Last Updated on March 30, 2026 5:20 pm by BIZNAMA NEWS


भारतीय शेयर बाजार में आज लगातार दूसरे दिन भारी बिकवाली का दौर रहा। मध्य-पूर्व (Middle-East) में बढ़ते युद्ध के खतरों और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों ने निवेशकों के मनोबल को तोड़ दिया है। पिछले दो दिनों में बाजार अपनी कुल वैल्यू का लगभग 4% से अधिक हिस्सा गंवा चुका है।

बाजार का लेखा-जोखा: प्रमुख सूचकांक

गिरावट इतनी गहरी थी कि निफ्टी ने अपने 22,350 के महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर को भी पार कर लिया।

सूचकांकबंद स्तरगिरावट (अंक)गिरावट (%)
S&P BSE Sensex71,947.55-1,635.672.22%
Nifty 5022,331.40-488.202.14%
  • मिडकैप और स्मॉलकैप: व्यापक बाजार में और भी बुरा हाल रहा, जहाँ BSE MidCap 2.51% और SmallCap 2.57% तक लुढ़क गए।
  • डर का सूचकांक (VIX): ‘India VIX’ 4.04% बढ़कर 27.89 पर पहुँच गया, जो बाजार में अत्यधिक घबराहट का संकेत है।

सेक्टोरल अपडेट और आर्थिक हलचल

  • सबसे ज्यादा मार: पीएसयू बैंक, प्राइवेट बैंक और रियल्टी शेयरों में सबसे तगड़ी बिकवाली हुई।
  • सुरक्षित ठिकाने: एफएमसीजी, आईटी और फार्मा शेयरों ने गिरने के बावजूद बाजार को थोड़ा सहारा देने की कोशिश की।
  • आर्थिक डेटा: फरवरी 2026 में औद्योगिक उत्पादन (IIP) सुधरकर 5.2% रहा, लेकिन बाजार ने इसे नजरअंदाज कर दिया।
  • मुद्रा और बॉन्ड: रुपया 94.78 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड बढ़कर 6.998% हो गई।

नोट: कल, 31 मार्च को महावीर जयंती के उपलक्ष्य में भारतीय शेयर बाजार बंद रहेंगे।


गिरावट के मुख्य कारण

  1. युद्ध का बढ़ता दायरा: यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा इज़राइल पर मिसाइल हमलों की खबरों ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश (जैसे सोना) की ओर भागने पर मजबूर कर दिया।
  2. महंगा कच्चा तेल: मध्य-पूर्व के तनाव से सप्लाई चैन प्रभावित होने का डर है, जिससे महंगाई बढ़ सकती है।
  3. वैश्विक मंदी का डर: अमेरिकी बाजार ‘करेक्शन जोन’ में हैं और बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने के संकेतों ने वैश्विक तरलता पर दबाव बढ़ा दिया है।
  4. विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थिति शांत नहीं होती और कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक दलाल स्ट्रीट पर उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। निवेशकों को फिलहाल “वेट एंड वॉच” की रणनीति अपनानी चाहिए।

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