Last Updated on March 31, 2026 1:04 am by BIZNAMA NEWS

न्यूज डेस्क

आज के डिजिटल युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तेजी से आम जीवन का हिस्सा बनती जा रही है। चैटबॉट, वॉइस असिस्टेंट और शैक्षिक ऐप्स जैसे कई उपकरण अब घरों और स्कूलों में इस्तेमाल हो रहे हैं। यह तकनीक बच्चों को सीखने और दुनिया को समझने के नए अवसर देती है, लेकिन इसके साथ कुछ गंभीर चुनौतियाँ और जोखिम भी जुड़े हुए हैं।

इन्हीं सवालों को समझने के लिए UNICEF ने Ying Xu से बातचीत की, जो Harvard University में एआई इन लर्निंग एंड एजुकेशन की सहायक प्रोफेसर हैं और बच्चों पर एआई के प्रभाव का अध्ययन करती हैं।

कब शुरू करें एआई पर बातचीत

विशेषज्ञों के अनुसार माता-पिता बच्चों से एआई के बारे में बातचीत बहुत छोटी उम्र से ही शुरू कर सकते हैं। आज कई बच्चे भले ही खुद एआई टूल का इस्तेमाल न करते हों, लेकिन वे घर में मौजूद उपकरणों, स्कूल की चर्चाओं, दोस्तों की बातों या मीडिया के माध्यम से इसके बारे में जान जाते हैं।

ऐसे में माता-पिता को बच्चों की जिज्ञासा को ध्यान में रखते हुए बातचीत शुरू करनी चाहिए। जब बच्चा किसी तकनीक के बारे में सवाल पूछे या उसमें रुचि दिखाए, वही समय उसे सरल भाषा में समझाने का सबसे अच्छा अवसर होता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे बच्चे भी यह समझ सकते हैं कि एआई क्या कर सकता है और क्या नहीं। शुरुआती उम्र में दी गई यह समझ उन्हें भविष्य में तकनीक का उपयोग अधिक जिम्मेदारी के साथ करने में मदद करती है।

बच्चों को एआई कैसे समझाएं

छोटे बच्चों को एआई समझाने का सबसे आसान तरीका रोजमर्रा के उदाहरण हैं। कई घरों में पहले से ही एआई आधारित उपकरण मौजूद होते हैं, जैसे स्मार्ट स्पीकर, रोबोट वैक्यूम क्लीनर या रोबोट खिलौने।

माता-पिता बच्चों को बता सकते हैं कि ये उपकरण इंसानों की तरह सोचते या महसूस नहीं करते, बल्कि वे केवल दिए गए निर्देशों का पालन करते हैं और कुछ पैटर्न पहचानते हैं।

बच्चों के साथ मिलकर एआई का उपयोग करना भी सीखने का अच्छा तरीका हो सकता है। उदाहरण के लिए यदि बच्चे को कोई सवाल हो, तो माता-पिता उसे किसी चैटबॉट में टाइप करके साथ में जवाब देख सकते हैं और फिर उस जवाब पर चर्चा कर सकते हैं—क्या सही है, क्या गलत है और यह जवाब कैसे बना होगा।

पढ़ाई में एआई की भूमिका

एआई बच्चों की पढ़ाई में भी सहायक हो सकता है। कई एआई टूल कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाते हैं, तुरंत सवालों के जवाब देते हैं और व्यक्तिगत अभ्यास उपलब्ध कराते हैं।

कुछ शोध बताते हैं कि जब एआई टूल विशेष रूप से शिक्षण के लिए बनाए जाते हैं, तो बच्चे उनसे उतनी ही प्रभावी सीख हासिल कर सकते हैं जितनी किसी शिक्षक से। व्यस्त परिवारों के लिए यह तब भी मददगार हो सकता है जब कोई वयस्क तुरंत उपलब्ध न हो।

हालाँकि विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि यदि बच्चे हर सवाल का जवाब एआई से लेने लगें, तो इससे उनकी स्वतंत्र रूप से सोचने और समस्या हल करने की क्षमता कमजोर पड़ सकती है।

गोपनीयता की सुरक्षा जरूरी

एआई टूल का उपयोग करते समय बच्चों की निजी जानकारी की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। कई ऐप्स खाता बनाने के लिए बुनियादी जानकारी मांगते हैं, जैसे उम्र, माता-पिता का संपर्क या भुगतान विवरण।

लेकिन कई बार बच्चे अनजाने में चैट के दौरान अपनी निजी जानकारी भी साझा कर देते हैं—जैसे उनका स्कूल, घर का पता, दोस्त या व्यक्तिगत भावनाएँ।

इसलिए माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों के साथ मिलकर ऐप की प्राइवेसी सेटिंग्स देखें और उन्हें समझाएं कि कौन-सी जानकारी साझा करना सुरक्षित है और कौन-सी नहीं।

एआई साक्षरता कैसे विकसित करें

कई माता-पिता को लगता है कि एआई इतनी तेजी से बदल रहा है कि उन्हें अपने बच्चों का मार्गदर्शन करना मुश्किल लगता है। विशेषज्ञों का कहना है कि माता-पिता को खुद को तकनीकी विशेषज्ञ मानने की जरूरत नहीं है।

आज के समय में कई बार बच्चे और बड़े दोनों ही एक साथ सीख रहे होते हैं। इसलिए सबसे अच्छा तरीका यह है कि माता-पिता बच्चों के साथ मिलकर नई तकनीकों को समझें और प्रयोग करें।

कुछ बाहरी संसाधन भी मददगार हो सकते हैं। उदाहरण के लिए Common Sense Media जैसे प्लेटफॉर्म कई एआई ऐप्स की रेटिंग और समीक्षा उपलब्ध कराते हैं, जिससे माता-पिता को यह समझने में मदद मिलती है कि कौन-से ऐप सुरक्षित हैं।

संभावित खतरे भी समझना जरूरी

एआई से जुड़े जोखिम केवल डेटा गोपनीयता या अनुचित सामग्री तक सीमित नहीं हैं। यह बच्चों के सामाजिक और भावनात्मक विकास को भी प्रभावित कर सकता है।

कुछ बच्चे एआई से भावनात्मक बातचीत करने लगते हैं क्योंकि उन्हें यह आसान लगता है। लेकिन लंबे समय में इससे यह खतरा पैदा हो सकता है कि वे दोस्तों या परिवार से बातचीत करने की बजाय तकनीक पर अधिक निर्भर हो जाएँ।

इसके अलावा वास्तविक रिश्तों में मतभेद, समझौता और संवाद शामिल होते हैं, जबकि कई एआई सिस्टम हमेशा सहमत और सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हैं। इससे बच्चों की रिश्तों को लेकर अपेक्षाएँ अवास्तविक हो सकती हैं।

माता-पिता के लिए अंतिम संदेश

विशेषज्ञों का कहना है कि एआई महत्वपूर्ण है, लेकिन यह बच्चों के विकास की पूरी कहानी नहीं है। बच्चों के जीवन में परिवार, दोस्त, दिनचर्या और सामाजिक अनुभव कहीं अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इसलिए माता-पिता को एआई के बारे में जागरूक रहना चाहिए, लेकिन उससे डरने की जरूरत नहीं है। सबसे जरूरी बात यह है कि बच्चों को ऐसा वातावरण दिया जाए जिसमें वे सीख सकें, सवाल पूछ सकें और तकनीक का उपयोग जिम्मेदारी के साथ करना सीखें।


बच्चों में एआई साक्षरता कैसे विकसित करें?

कई माता-पिता महसूस करते हैं कि एआई इतनी तेजी से बदल रहा है कि उन्हें अपने बच्चों को मार्गदर्शन देने में कठिनाई होती है।

यिंग श्यू के अनुसार माता-पिता को खुद को विशेषज्ञ मानने की जरूरत नहीं है। आज की स्थिति में कई बार बच्चे और वयस्क दोनों ही एक साथ सीख रहे होते हैं।

इसलिए बेहतर तरीका है कि माता-पिता बच्चों के साथ मिलकर सीखें और खोज करें

कुछ बाहरी संसाधन भी मददगार हो सकते हैं, जैसे:

  • Common Sense Media द्वारा एआई ऐप्स की रेटिंग
  • स्कूलों द्वारा सुझाए गए एआई टूल

ये संसाधन माता-पिता को यह समझने में मदद कर सकते हैं कि कौन-से टूल सुरक्षित और उपयोगी हैं।


बच्चों के लिए एआई के संभावित खतरे

एआई से जुड़े जोखिम कई प्रकार के हो सकते हैं, जैसे:

  • डेटा गोपनीयता से जुड़ी चिंताएँ
  • भ्रामक या हानिकारक सामग्री
  • बच्चों को लंबे समय तक व्यस्त रखने के लिए बनाए गए डिज़ाइन

लेकिन जोखिम केवल तकनीक से ही नहीं जुड़े हैं, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि बच्चे कैसे सीखते हैं, विकसित होते हैं और रिश्ते बनाते हैं

कुछ मामलों में बच्चे एआई से भावनात्मक सहारा लेने लगते हैं। उदाहरण के लिए, यदि बच्चा किसी नए स्कूल को लेकर चिंतित हो, तो वह एआई से बात करके खुद को बेहतर महसूस कर सकता है।

हालाँकि लंबे समय में यह चिंता का विषय हो सकता है कि बच्चे लोगों की बजाय एआई पर अधिक निर्भर होने लगें

इसके अलावा वास्तविक रिश्तों में मतभेद, समझौता और संवाद शामिल होते हैं, जबकि कई एआई सिस्टम हमेशा सहमत और सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हैं। इससे बच्चों की रिश्तों को लेकर अपेक्षाएँ अवास्तविक हो सकती हैं।


अस्वस्थ एआई उपयोग के चेतावनी संकेत

कुछ संकेत यह बता सकते हैं कि बच्चे का एआई उपयोग संतुलित नहीं है:

अत्यधिक उपयोग:
लंबे समय तक एआई से बातचीत करना या रोकने पर परेशान होना।

व्यवहार में बदलाव:
गोपनीयता बढ़ना, चिंता बढ़ना या भावनात्मक समर्थन के लिए केवल एआई पर निर्भर होना।

अन्य गतिविधियों की अनदेखी:
एआई उपयोग के कारण नींद, पढ़ाई, दोस्तों या शौक के लिए समय कम होना।

यदि माता-पिता ऐसे संकेत देखें, तो उन्हें आलोचना की बजाय खुली और शांत बातचीत करनी चाहिए।

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