Last Updated on March 10, 2026 11:21 pm by BIZNAMA NEWS


एएमएन बिज़ डेस्क

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेतों के बीच मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में मजबूत वापसी देखने को मिली। निवेशकों की धारणा सुधरने से प्रमुख सूचकांकों ने हाल के नुकसान की भरपाई करते हुए अच्छी बढ़त दर्ज की।

प्रमुख सूचकांक BSE Sensex 639.82 अंकों यानी 0.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,205.98 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 233.55 अंक या 0.97 प्रतिशत चढ़कर 24,261.60 पर पहुंच गया।

वृहद बाजार में और भी मजबूत तेजी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक 1.62 प्रतिशत बढ़कर 57,177.65 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 2.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 16,473.80 पर बंद हुआ।

विश्लेषकों के अनुसार, सोमवार को ड्रोन हमलों और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने की खबरों के बाद कच्चा तेल 119.5 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। लेकिन मंगलवार को यह घटकर लगभग 84.4 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जिससे बाजार में राहत की भावना बनी। इस गिरावट को उस बयान से भी बल मिला जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया कि खाड़ी क्षेत्र का संकट “बहुत जल्द समाप्त हो सकता है”।


बाजार में व्यापक खरीदारी

बीएसई पर कारोबार किए गए कुल 4,420 शेयरों में से 3,053 शेयरों में तेजी रही, जबकि 1,231 में गिरावट दर्ज हुई और 136 शेयर अपरिवर्तित रहे। निफ्टी-500 के दायरे में भी 431 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जिससे बाजार में व्यापक भागीदारी का संकेत मिला।

हालांकि कुछ कमजोरी अभी भी दिखाई दी, क्योंकि 237 शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंचे, जबकि केवल 65 शेयर नए उच्च स्तर तक पहुंचे।


ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी

मंगलवार के कारोबार में ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा लाभ में रहा और सूचकांकों पर 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई।

इस दौरान Eicher Motors के शेयर 3.84 प्रतिशत बढ़े, जबकि Mahindra & Mahindra 3.40 प्रतिशत चढ़ा। इसी तरह TVS Motor Company के शेयरों में भी लगभग 3.73 प्रतिशत की बढ़त देखी गई।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से परिवहन और उत्पादन लागत कम होने की उम्मीद के चलते ऑटो कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ी।


बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में मजबूती

वित्तीय और बैंकिंग शेयरों में भी अच्छी तेजी रही। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सूचकांक 1.90 प्रतिशत बढ़ा, जबकि निफ्टी बैंक 1.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।

इस दौरान Shriram Finance निफ्टी-50 का सबसे बड़ा गेनर रहा और इसके शेयर 8.05 प्रतिशत बढ़कर 1,066.70 रुपये पर बंद हुए।


एविएशन सेक्टर को भी मिला सहारा

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सकारात्मक असर विमानन क्षेत्र पर भी पड़ा, क्योंकि विमान ईंधन लागत एयरलाइनों के लिए एक बड़ा खर्च होता है।

देश की प्रमुख एयरलाइन IndiGo की मूल कंपनी InterGlobe Aviation के शेयर 3.46 प्रतिशत बढ़कर 4,383.50 रुपये पर बंद हुए।


आईटी सेक्टर में गिरावट

दिनभर की तेजी के बीच आईटी सेक्टर में दबाव देखा गया। निफ्टी आईटी इंडेक्स दिन का एकमात्र प्रमुख सेक्टर रहा जो गिरावट में बंद हुआ।

इस दौरान Infosys के शेयर 1.41 प्रतिशत फिसले, जबकि Tata Consultancy Services में 0.40 प्रतिशत की गिरावट आई।

विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों ने मुनाफावसूली करते हुए आईटी से पैसा निकालकर ऑटो और बैंकिंग जैसे चक्रीय सेक्टरों में लगाया।


ऊर्जा और दूरसंचार शेयरों में मिश्रित रुख

ऊर्जा क्षेत्र में उतार-चढ़ाव बना रहा। Reliance Industries के शेयर 0.92 प्रतिशत गिरकर बंद हुए।

वहीं दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Bharti Airtel के शेयर भी 0.59 प्रतिशत नीचे बंद हुए।


बाजार में घबराहट घटी

बाजार में अस्थिरता का संकेत देने वाला सूचकांक India VIX 19 प्रतिशत से अधिक गिरकर 18.90 पर बंद हुआ। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों की चिंता में कमी आई है।


सोना-चांदी में तेजी

कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखा गया। सोना 5,190 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गया, जबकि चांदी लगभग 3 प्रतिशत बढ़कर करीब 90 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

विश्लेषकों के अनुसार चीन के केंद्रीय बैंक People’s Bank of China द्वारा लगातार सोने की खरीद जारी रहने से भी कीमतों को समर्थन मिला है।


रुपये को मिला थोड़ा सहारा

डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारतीय रुपये को कुछ राहत मिली। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि आगे रुपये की दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की चाल और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।


तकनीकी दृष्टिकोण

तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि यह तेजी हाल के तेज गिरावट के बाद आई शॉर्ट-टर्म रिकवरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 24,000–24,100 का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन है, जबकि 24,400–24,450 के आसपास मजबूत प्रतिरोध देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की स्थिति और तेल बाजार की चाल ही शेयर बाजार की दिशा तय कर सकती है।

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