Last Updated on June 9, 2026 7:06 pm by BIZNAMA NEWS

— हमारे व्यापार संवाददाता

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों तथा बैंकिंग शेयरों में मजबूत खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को मजबूती के साथ बंद हुए। रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी मुद्रा स्वैप सुविधाओं के परिचालन संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए जाने से बैंकिंग शेयरों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

बीएसई सेंसेक्स 394.50 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,918.76 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 सूचकांक 119.10 अंक यानी 0.52 प्रतिशत चढ़कर 23,242.10 पर पहुंच गया। लगातार दो सत्रों की गिरावट के बाद निफ्टी ने एक बार फिर 23,200 का स्तर पार कर लिया।

बाजार धारणा को उस समय और बल मिला जब ब्रेंट क्रूड की कीमत 93 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई। इजराइल और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेतों से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई, जिससे महंगाई और भारत के आयात बिल को लेकर चिंताएं घटीं।

बैंकिंग शेयरों में सबसे अधिक तेजी रही। रिजर्व बैंक ने एफसीएनआर (बी) जमा, एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ECB) और विदेशी मुद्रा उधारी के लिए घोषित विदेशी मुद्रा स्वैप सुविधाओं का विस्तृत ढांचा जारी किया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इससे विदेशी स्रोतों से धन जुटाना आसान होगा और हेजिंग लागत में कमी आएगी।

निफ्टी में बढ़त को सबसे अधिक समर्थन भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक के शेयरों से मिला।

वृहद बाजार ने भी बेहतर प्रदर्शन किया। बीएसई मिडकैप सूचकांक 1.24 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक 1.39 प्रतिशत मजबूत होकर बंद हुए। बाजार की चौड़ाई सकारात्मक रही और बीएसई पर बढ़ने वाले शेयरों की संख्या गिरने वाले शेयरों से काफी अधिक रही।

निवेशकों का भरोसा बढ़ने का संकेत इंडिया वीआईएक्स में 8.53 प्रतिशत की गिरावट से भी मिला, जो घटकर 15.58 पर आ गया।

रिजर्व बैंक ने दो प्रमुख विदेशी मुद्रा स्वैप सुविधाओं की घोषणा की है। पहली सुविधा के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा जुटाए गए पात्र ECB और अधिकृत डीलर बैंकों की विदेशी मुद्रा उधारी को डॉलर-रुपया स्वैप सुविधा उपलब्ध होगी। इसकी अवधि अधिकतम पांच वर्ष होगी और यह 31 दिसंबर 2026 तक प्राप्त योग्य विदेशी प्रवाह पर लागू रहेगी।

दूसरी ओर, ताजा एफसीएनआर (बी) जमा के लिए शुरू की गई स्वैप सुविधा तीन से पांच वर्ष की अवधि वाली जमाओं को कवर करेगी। यह योजना 30 सितंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी और इससे विदेशी मुद्रा प्रवाह तथा बैंकिंग प्रणाली में तरलता को बल मिलने की उम्मीद है।

ऋण बाजार में 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की प्रतिफल दर घटकर 6.906 प्रतिशत पर आ गई। वहीं रुपये में मामूली कमजोरी दर्ज की गई, जबकि सोने की कीमतों में सीमित बढ़त रही।

वैश्विक बाजारों का रुख भी सकारात्मक रहा। एशियाई और यूरोपीय शेयर बाजार बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। प्रौद्योगिकी और सेमीकंडक्टर शेयरों में सुधार तथा पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी। चीन के मजबूत निर्यात आंकड़ों ने भी बाजार भावना को समर्थन दिया।

कॉरपोरेट मोर्चे पर मोटिलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयरों में तेजी रही, जबकि यूएई से बड़ा ऑर्डर मिलने के बाद जेएनके इंडिया के शेयरों में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया। एप्पल की नई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सॉफ्टवेयर घोषणाओं के बाद रेडिंगटन के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली।

प्राथमिक बाजार में हेक्सागॉन न्यूट्रिशन के आईपीओ को निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और अंतिम दिन तक यह निर्गम 52 गुना से अधिक सब्सक्राइब हो चुका था।

अस्वीकरण: यह रिपोर्ट शेयर बाजार और कॉरपोरेट घोषणाओं से संबंधित सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सूचनाओं एवं एक्सचेंज फाइलिंग्स पर आधारित है। निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले निवेशकों को स्वयं आवश्यक जांच-पड़ताल करनी चाहिए।