Last Updated on April 21, 2026 11:25 pm by BIZNAMA NEWS
बिज़नेस डेस्क | नई दिल्ली
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार तीसरे सत्र में मजबूती देखने को मिली। व्यापक खरीदारी, मजबूत वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। अमेरिका-ईरान के बीच संभावित वार्ता की खबरों ने भी बाजार में सकारात्मक माहौल तैयार किया।
S&P BSE Sensex 753 अंक यानी 0.96% की तेजी के साथ 79,273.33 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 211.75 अंक यानी 0.87% चढ़कर 24,576.60 पर पहुंच गया। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में दोनों सूचकांकों में 1.5% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई है।
तेजी के प्रमुख कारण
बाजार की इस तेजी के पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारण रहे। अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से बातचीत की संभावना ने भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद जगाई। इसके साथ ही ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट (95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे) ने भारत जैसे आयातक देश के लिए राहत दी।
इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी मुद्रा नियमों में ढील देने से बैंकिंग शेयरों में तेजी आई। बाजार की अस्थिरता मापने वाला इंडिया VIX भी करीब 7% गिरा, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।
सेक्टरवार प्रदर्शन
बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर:
बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई। ICICI Bank और HDFC Bank जैसे बड़े निजी बैंक बढ़त के प्रमुख कारण रहे। बेहतर लिक्विडिटी और नीति में ढील से सेक्टर को मजबूती मिली।
FMCG सेक्टर:
रक्षात्मक निवेश के चलते FMCG शेयरों में खरीदारी रही। Hindustan Unilever ने निफ्टी की बढ़त में अहम योगदान दिया। कच्चे माल की लागत में कमी से मार्जिन बेहतर होने की उम्मीद है।
आईटी सेक्टर:
आईटी सेक्टर में चुनिंदा खरीदारी देखने को मिली। Persistent Systems के मजबूत नतीजों ने मिड-आईटी कंपनियों को सहारा दिया, हालांकि बड़ी आईटी कंपनियों में अभी भी सतर्कता बनी हुई है।
मिडकैप और स्मॉलकैप:
ब्रॉडर मार्केट में बेहतर प्रदर्शन रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5% से 0.7% तक की बढ़त दर्ज की गई। रिटेल निवेशकों की सक्रियता इस तेजी का मुख्य कारण है।
फार्मा सेक्टर:
फार्मा शेयरों में मिला-जुला रुख रहा। Eris Lifesciences में नियामकीय चिंताओं के चलते गिरावट आई, जिससे सेक्टर पर दबाव देखा गया।
हाउसिंग फाइनेंस और रियल एस्टेट:
हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में तेजी रही। PNB Housing Finance के मजबूत नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म:
Apeejay Surrendra Park Hotels जैसे शेयरों में बढ़त देखी गई, जो धार्मिक पर्यटन और यात्रा मांग में सुधार को दर्शाता है।
चर्चा में रहे शेयर
Nestle India के शेयर 7% से अधिक उछले, कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजों के चलते।
Bank of Maharashtra में लगभग 6% की तेजी आई।
Rolex Rings के शेयर 16% से ज्यादा चढ़े, बायबैक की खबरों के बाद।
आर्थिक संकेतक
मार्च 2026 में भारत के कोर सेक्टर में 0.4% की गिरावट दर्ज की गई। कोयला, कच्चा तेल और बिजली उत्पादन में कमजोरी इसका कारण रही। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कोर सेक्टर की वृद्धि 2.6% रही।
10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड घटकर 6.88% के आसपास आ गई, जबकि रुपया कमजोर होकर 93.45 प्रति डॉलर पर पहुंच गया।
वैश्विक संकेत
एशियाई और यूरोपीय बाजारों में तेजी रही, जबकि अमेरिका के फ्यूचर्स भी मजबूत संकेत दे रहे हैं। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। Mohammad Bagher Ghalibaf और Donald Trump के बयानों से अनिश्चितता बनी हुई है।
आगे की राह
अब निवेशकों की नजर Q4 नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की चाल और अमेरिका-ईरान तनाव पर रहेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत घरेलू फंडामेंटल्स बाजार को सहारा दे रहे हैं, लेकिन वैश्विक जोखिमों के कारण उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
निष्कर्ष:
बैंकिंग और FMCG सेक्टर की अगुवाई में बाजार मजबूत बना हुआ है, लेकिन आगे की तेजी कॉर्पोरेट नतीजों और वैश्विक स्थिरता पर निर्भर करेगी।

