Last Updated on May 12, 2026 12:19 am by BIZNAMA NEWS

हमारे बिजनेस संवाददाता से
मुंबई, 11 मई: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और रुपये में कमजोरी के बीच भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में भारी बिकवाली देखने को मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद निवेशकों की चिंता और बढ़ गई, जिससे फारस की खाड़ी क्षेत्र में लंबे संघर्ष की आशंका गहरा गई।
वैश्विक अनिश्चितता के बीच ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि रुपया डॉलर के मुकाबले 95 के करीब फिसल गया। बढ़ती आयात लागत और महंगाई की आशंकाओं ने घरेलू बाजार की धारणा को कमजोर किया।
इस बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi की ओर से ईंधन बचत, गैर-जरूरी आयात में कमी और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील ने भी बाजार में सतर्कता का माहौल बढ़ा दिया।
| Sector/Category | Impact | Key Drags/Gainers |
| Heavyweights | Negative | Bharti Airtel (-4.18%), RIL (-3.31%), HDFC Bank (-2.13%) |
| Banking | Negative | Canara Bank (-3.72%), PSU Banks under heavy pressure |
| Healthcare | Positive | Bucked the trend as a defensive play amidst the selloff |
| Mid/Small Caps | Negative | BSE MidCap down 1.26%, SmallCap down 0.96% |
BSE Sensex 1,312.91 अंक यानी 1.70 प्रतिशत गिरकर 76,015.28 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 360.30 अंक यानी 1.49 प्रतिशत टूटकर 23,815.85 पर आ गया। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स करीब 2.5 प्रतिशत और निफ्टी 2 प्रतिशत से अधिक कमजोर हुआ है।
बाजार की गिरावट में दिग्गज शेयरों का बड़ा योगदान रहा। Bharti Airtel के शेयर 4.18 प्रतिशत, Reliance Industries 3.31 प्रतिशत और HDFC Bank 2.13 प्रतिशत टूट गए।
व्यापक बाजार में भी कमजोरी रही। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 1.26 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.96 प्रतिशत गिरा। बाजार में बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों से कहीं ज्यादा रही।
बाजार में अस्थिरता का सूचक इंडिया VIX 10 प्रतिशत से अधिक उछलकर 18.55 पर पहुंच गया, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता को दर्शाता है।
पीएम मोदी ने की मितव्ययिता अपनाने की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ती ऊर्जा कीमतों और वैश्विक संकट के बीच लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, गैर-जरूरी विदेशी यात्रा टालने और सोने की खरीदारी से बचने की अपील की। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन, इलेक्ट्रिक वाहनों और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि “वोकल फॉर लोकल” को जन आंदोलन बनाना समय की जरूरत है ताकि आयात पर निर्भरता घटाई जा सके और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम हो।
उन्होंने खाद्य तेलों और रासायनिक उर्वरकों की खपत घटाने, प्राकृतिक खेती और सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई को बढ़ावा देने की भी वकालत की।
रुपये, बॉन्ड और कमोडिटी बाजार पर दबाव
विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया कमजोर होकर 95.31 प्रति डॉलर के आसपास पहुंच गया, जबकि भारत के 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 7.033 प्रतिशत हो गई।
कमोडिटी बाजार में एमसीएक्स गोल्ड फ्यूचर्स में हल्की गिरावट रही, जबकि डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ। उधर, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की आशंका के बीच ब्रेंट क्रूड में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई।
वैश्विक बाजारों में सतर्क कारोबार
एशियाई बाजार मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए, जबकि यूरोपीय बाजारों में सावधानी भरा कारोबार देखा गया। निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान वार्ता और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बनी हुई है।
Benjamin Netanyahu के इस बयान कि “ईरान के साथ संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है” ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई।
ज्वेलरी और एविएशन शेयरों में भारी गिरावट
प्रधानमंत्री द्वारा एक वर्ष तक सोने की खरीद टालने की अपील के बाद ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई। Kalyan Jewellers India के शेयर 9 प्रतिशत से अधिक टूट गए, जबकि Titan Company और Senco Gold में भी तेज गिरावट दर्ज की गई।
विदेश यात्रा टालने की सलाह के बाद एविएशन शेयरों पर भी दबाव रहा। InterGlobe Aviation और SpiceJet करीब 5 प्रतिशत तक टूट गए।
अच्छे नतीजों से चुनिंदा शेयरों में तेजी
कमजोर बाजार के बावजूद कुछ कंपनियों के शेयर बेहतर तिमाही नतीजों के दम पर चमके। Tata Consumer Products के शेयर 8 प्रतिशत से अधिक चढ़ गए, जबकि MCX में भी मजबूत खरीदारी देखी गई।
इसके अलावा Birla Corporation, Grindwell Norton और Northern Arc Capital के शेयरों में भी मजबूती रही।
हालांकि, Canara Bank, Utkarsh Small Finance Bank, Blue Dart Express और Aarti Surfactants कमजोर तिमाही नतीजों के कारण दबाव में रहे।
विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम एशिया संकट, कच्चे तेल की कीमतों और रुपये की चाल को लेकर अनिश्चितता बनी रहने से निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
